जानिए कोनसी वजह से दुर्वासा ऋषि ने दिया था श्री कृष्ण को श्राप ?

महाभारत युद्ध की समाप्ति के बाद जब गांधारी अपनी बहुओ के साथ अपने बेटो की लाशे ढूंढ रही थी तो श्री कृष्ण भी साथ ही थे, जैसे जैसे कुमारो और राजकुमारों के शवों पर बहुए विलाप करती उनका क्रंदन सुनकर गांधारी भी खूब रो रही थी. हालाँकि श्री कृष्ण चुप थे जैसे उन्हें आगे क्या होने वाला है इसका एहसास था…

दुशासन की फटी छाती, दुर्योधन की टूटी जंघाए और जिन कौरवो के सर भीम ने गदा से चकनाचूर किये थे वो अपने अंगवस्त्रो या आभूषणों से पहचाने गए. लेकिन जब गांधारी के पौत्र की लाश मिली तो उनका धीरज खो गया और उन्होंने श्री कृष्ण को श्राप दे दिया की 30 वर्षो बाद उनका भी वंश ऐसे ही नष्ट होगा.

तब श्री कृष्ण ने कहा, आपने व्यर्थी मुझे ऐसा श्राप दे कर अपना तपोबल नष्ट किया जो आपने श्राप दिया ये तो विधि का विधान पहले से ही था. तब गांधारी को पछतावा हुआ और श्री कृष्ण से उन्होंने क्षमा याचना की, तब श्री कृष्ण समेत सभी पांडवो ने सभी मृतकों का अंतिमसंस्कार किया और उनके श्राद्ध कर्म किये.

लेकिन किसके श्राप से हुआ विधि का ये विधान, महाभारत में अपने अंतिम क्षणों में श्री कृष्ण ने बताई थी अपने समय पूर्ति की गुत्थी…

कर्ण से प्रेरित दुर्योधन ने योजनाबद्ध तरीके से दुर्वासा ऋषि और उनके हजारो शिष्यों को वनवासी पांडवो के पास तब भेजा जब वो भोजन कर चुके थे. हालाँकि पांडवो के पास अक्षय पात्र था लेकिन जब तक द्रौपदी न खाली तब तक ही उसमे भोजन रहता था और द्रौपदी तब खा चुकी थी.

ऐसे में दुर्वासा पहुँच गए और स्नान के लिए नदी किनारे गए तो द्रौपदी ने श्री कृष्ण को याद किया, श्री कृष्ण उस समय भोजन की थाली पर बैठे थे और थाली छोड़ कर अपनी परम भक्त की मदद को पहुँच गए. श्री कृष्ण ने तब अक्षय पात्र में बचे तिनके को खाकर अपनी और समस्त संसार की भूख शांत कर दी जिसमे दुर्वासा जी भी शामिल थे.

लेकिन दुर्वासा जान गए थे श्री कृष्ण की ये करनी, तब दुर्वासा जी ने श्री कृष्ण से कहा की शास्त्रों का लेख है की परोसी हुई थाली नहीं छोड़नी चाहिए और किसी का झूठा नहीं खाना चाहिए. आपने ऐसा किया है इसलिए आप को मेरा श्राप है की भोजन केलिए लड़ते हुए ही आपका वंश नाश हो जायेगा और ऐसा ही हुआ था.

लेकिन श्री कृष्ण सशरीर ही गोलोक गए थे हालाँकि कई जगह उन्हें देह त्याग की भी बात लिखी गई है, इसलिए परोसी हुई थाली न छोड़े और किसी का जूठा भी न खाये.

Source link —> https://www.therednews.com/3251-durvasa-also-cursed-lord-krishna-for-helping-pandava

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