जानिए श्री कृष्ण और भगवान राम ने युगो पहले बता दिया था की कलियुग मे ऐसे होंगे लोगो के स्वभाव

कलियुग में होने वाली घटनाओ और मनुष्यो की व्रती का त्रेतायुग और द्वापर में खुद भगवान ने अपने मुख से वर्णन किया है, ये बात बहुत ही कम जानते है पर जो बातें उन्होंने कही है वो बिलकुल सटीक थी. ये बातें त्रेता में राम जी ने सीता मैय्या से और श्री कृष्ण ने पांडवो को बतलाई थी.

श्री राम ने कहा था की कलियुग में जो व्यक्ति चापलूस होगा चतुर होगा वो मजे करेगा और जो व्यक्ति साधारण और ईमानदार होगा वो गरीब ही रहेगा. राजा और प्रजा दोनों में लड़ाई होती रहेगी पर जो ज्यादा दमदार होगा वही उसमे अपनी मनमानी करेगा (जिसकी लाठी उसी की भैंस).

कलियुग में कालेधन और मन की भी बाग़ रामजी ने सीताजी से युगो पहले कह दी थी जिसकी चर्चा आम है, और जो लोग शोषण करने वाले होंगे वो धनि बने रहेंगे जबकि परोपकारी अभावो में जिंदगी गुजारेंगे. जो व्यक्ति लालची और हर तरह के सुख का आनंद ले रहा हो वही संत कहलायेगा.

मंदिरो की अपेक्षा मखानों में ज्यादा भीड़ लगेगी, जो घर की बहुए है वो भरी भीड़ में ससुर के संग नाचेगी. कन्या दान के लिए भी कहा था की जो पिता पुत्री का कन्या दान करता है उसके घर की छांया में भी नहीं बैठता है वो पिता कलियुग में बेटी के पैसो से मौज उड़ाएगा.

इसी तरह श्री कृष्ण ने पांडवो को वन में भेजा और अपनी लीला से उन्हें अलग अलग स्तिथिया दिखाई, युधिस्ठिर को दो मुंह वाला गज दिखा अर्जुन को मांस कहती चिड़िया दिखी जिसके पारो पर श्लोक लिखे थे. भीम को एक जानवर दिखा जो अपने बच्चे को इतना प्यार कर रहा था की उसकी आँखों से खून निकलने लगा, सहदेव ने सात कुए देखे जिसमे से सबसे गहरे वाला खाली था. नकुल को एक पहाड़ से चट्टान लुढ़कती दिखी जो बड़े बड़े पेड़ो को काट के निचे अविरल आ रही थी पर बीच में एक पौधे से भिड़ते ही वो स्थिर हो गई.

उदहारण तो दे दिया पर अब कृष्ण ने उनका स्पस्टीकरण दिया, दो मुंह वाला गज मतलब कथनी और करनी में फर्क वाले इंसान कलियुग में होंगे, मांसाहारी पक्षी पर उन्होंने बताया की मुंह में राम बगल में छुरी वाले इंसान बहुतेरे होंगे जो ज्ञानी बन उपदेश देंगे और अपने आश्रम में मांस मदिरा का भक्षण करेंगे.

अपने बच्चे से अत्यधिक प्रेम करने वाले जानवर की देखि गई भीम की घटना पर भगवान ने कहा की उस युग में ऐसे ही माता पिता होंगे जो अपने बच्चो को मोह माया में बांधे रखेंगे और उसे सत्कर्म की जगह अपने सिखाये संकुचित व्यव्हार करने के लिए प्रेरित करेंगे जो की बालक के परलोक में नरक की व्यवस्था करता है.

सहदेव द्वारा देखे कुओ के विषय में कृष्ण ने कहा की कलियुग में धनाढ्य लोग अपने ख्याति के अनुसार तो हर समारोह में खूब पैसे लगाएंगे पर आस पास ही की गरीब लोगों के लिए कुछ नहीं करेंगे वो खाली कुआ उन धनाढ्य लोगों की प्रवर्ति का ही सूचक है.

नकुल द्वारा चट्टान से लुढ़कते पत्थर के बारे में भगवान ने कहा की मानव का मन नीचे गिरेगा, उसका जीवन पतित होगा। यह पतित जीवन धन की शिलाओं से नहीं रुकेगा, न ही सत्ता के वृक्षों से रुकेगा। किंतु हरि नाम के एक छोटे से पौधे से, हरि कीर्तन के एक छोटे से पौधे से मनुष्य जीवन का पतन होना रुक जाएगा। श्रीमन नारायण, नारायण हरि हरि।

Source link —> https://www.therednews.com/165-kaliyug-sighn-told-by-rama-n-krishna-much-earlier

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